एक बात बताओगे…

एक बात बताओगे।

तुम याद तो न आओगे।।

मैं जी लूँगा तेरे बिन।
क्या तुम जी पाओगे?
इतनी बेरुखी क्यों है?
तू थमी-थमी क्यों है?
मैं आसमां सा दूर,
तू पास जमीं-जमीं क्यों है?
एक बात बताओगे?
रोओगे तो नहीं,
ख्वाबों में कहीं,
खोओगे तो नहीं?
मुझे भूल पाओगे?
एक बात बताओगे?
– पंकज मिश्रा

Advertisements

टपक रहा आकाश..

पानी गिर रहा है हो रहा है अद्भुत एहसास|

एक खेत की आज बुझ जाएगी प्यास||

सूखे पोखर, सूखी धरती गर्मी का था त्रास|

देख धरा का दर्द ,आज टपक रहा आकाश||

#एहसास

– पंकज मिश्रा