Tere liye..

मैं और तुम, तुम और मैं,

चलो ना ढूंढते है, हम खुद को एक दूजे में

#एहसास

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साथ यूँ ही सदा तुम देना बहना..

#रक्षाबंधन गीत..2017

बाँध कर डोर रेशम की हाथ पर,

उसने तिलक जो सर पर लगाया मेरे|

मन हर्षित हुआ तन भी खिल गया,

दिल ने दे दी दुआ, हो पूरे  सब अरमां तेरे|| 【1】

चाहे बचपन हो ,या अभी का क्षण
मां सी ममता का मुझको कराया स्मरण|
जब जरूरत पड़ी एक हमदर्द की,
तुम ही बन गए, मित्र सच्चे मेरे|| 【2】

अब तुम्हें क्या बताऊँ, दिल का क्या है कहना?
साथ यूँ ही सदा तुम देना बहना|
हो  मुख पर तबस्सुम सदा तेरे,
तेरे सारे दुःख हो  जाएं मेरे,
मेरे सारे सुख हो  जाएं तेरे|| 【3】
#एहसास
– पंकज मिश्रा

टपक रहा आकाश..

पानी गिर रहा है हो रहा है अद्भुत एहसास|

एक खेत की आज बुझ जाएगी प्यास||

सूखे पोखर, सूखी धरती गर्मी का था त्रास|

देख धरा का दर्द ,आज टपक रहा आकाश||

#एहसास

– पंकज मिश्रा