नव वर्ष का आगमन …

हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत 2073 (8 अप्रैल 2016 ) की हार्दिक शुभकामनायें

खुशबुओं के बौर से लहलहा रहा चमन

खुशियों से पूरित नववर्ष का है हो रहा  आगमन

एक नए रूप में है हो रहा धरा का अलंकरण

है हो रहा  मिलने को आतुर धरा से गगन

हर्ष से विभोर हो रहा है वतन

#पंकज मिश्रा

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ये पल आएंगे न दोबारा…

आप सभी लोगों को समर्पित मेरे ये चंद नसार….🍁🍁

खुल के जी लो ये पल ,आएंगे न दोबारा
पता नहीं कब छिन जाये तुम से ये सर्वस्व तुम्हारा
तरस जाओगे मिलने को , और करोगे याद हमीं को
था कोई मेरा भी साथी प्यारा
नजर आएगा सूना सूना ,हर हंसी नजारा
खुल के जी लो ये पल , आएंगे न दोबारा
#पंकज मिश्रा

एक विद्यार्थी का भटकाव के बाद एहसास……

बुला रही है हमें वो दुनियां जिसके हम आदी है
क्या सौगाते हमें मिली है यहाँ सिवाय बर्बादी के
भूल हुई थी शायद हमसे उसको प्यार समझ बैठे थे
आज समझ है आया वो  किताब ही यार पुरानी है
अब सोचा है बंद करूँ ये क्षण क्षण की बर्बादी को
शायद मकसद मिल जाये इस पुराने आदी को
किसके लिए करूँ में टाइप
कोई तो यहाँ न मेरा है
अब तो हर जगह है दिखता बस किताबों का ढेरा है

#पंकज मिश्रा

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Perspectives on Going Viral

The WordPress.com Blog

You wake up one morning, check your phone, and spit out your coffee. You have thousands of likes on Facebook, hundreds of retweets, and an inbox that has exploded. Your little blog — which normally gets a dozen views per day and has an audience of exactly two, your spouse and mother — has been shared all over the internet, and that post you wrote last night, in your pajamas, has gone viral.

Going viral is different for everyone, but it can be a strange blend of exciting and terrifying — and very emotional, as writer Sam Dylan Finch described in his recent interview. Here, four bloggers on WordPress.com share their experiences.

Gretchen Kelly, Drifting Through My Open Mind

Gretchen KellyLast November, Gretchen Kelly published “The Thing All Women Do That You Don’t Know About,” in which she described all the tactics women employ to move safely through a world of sexism and harassment. Nearly…

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एक शिक्षक की दास्ताँ …

एक एक शब्द जैसे कोई दास्ताँ बयां कर रहा हो
जैसे कोई दीपक अँधेरे में रोशनी भर रहा हो
ये हमारी अधूरी सी कहानी है
हमें तो सारी दुनियां बनानी है
क्या बतलाऊ में तुमको जब तुम  कोई ख्वाब बुनते हो
रोम रोम खिल जाता है जब तुम वो हाँसिल करते हो
फिर भी क्या हालात बना डाले है मेरे इन सरकारों ने
जीना मुश्किल बना दिया है लोगों के तानों ने
लेकिन मेरी हर एक बात उनके हित में ही होती है
देख के हालत खुद की ये आत्मा खुद पे रोती है
#पंकज मिश्रा

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कह रहे थे हमें जो हर कदम पे अपना …

कह रहे थे हमें जो हर कदम पे अपना ,
हो गए है गुम कहीं दिखा के एक सपना|

अब तो हालात है हो गए इस कदर,
न समझ पा रहे है पराया है कौन और है कौन अपना|

देख कर जो कभी मुस्करा जाते थे ,
आज मुँह फेर लेते है अपना |

अब लिखूँ क्या और कैसे करूँ रचना,
मन के कागज पे कोई अक्स ही न बना |

प्यार की लहरे दिल के समंदर में मचल रही है
और छाया है गम का कुहरा घना|

मन है हैरान सा दिल परेशां सा
क्या क़यामत यहाँ ढा रही है
किससे लुँ में छिपा किसको दूँ में सुना

कह रहे थे हमें जो हर कदम पे अपना
हो गए है गुम कहीं दिखा के एक सपना ||
#पंकज मिश्रा
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